दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, सोम, 23 सितंबर 2030
सोम, 23 सितंबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुष्य, योग परिघ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:28 – सुबह 8:59 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:04
- तिथि
- एकादशी · रात 7:11 तक
- नक्षत्र
- पुष्य · शाम 4:07 तक
- योग
- परिघ
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:28 – सुबह 8:59
- यमगंड
- सुबह 10:30 – दोपहर 12:01
- गुलिक काल
- दोपहर 1:32 – दोपहर 3:02
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
- अमृत काल
- सुबह 6:43 – सुबह 8:14
आज चेन्नई में
सोम, 23 सितंबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुष्य, योग परिघ और करण बव है। राहु काल सुबह 7:28 – सुबह 8:59 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 24 सितंबर 2030 | द्वादशी | आश्लेषा | दोपहर 3:02 – शाम 4:33 |
| बुध, 25 सितंबर 2030 | त्रयोदशी | मघा | दोपहर 12:00 – दोपहर 1:31 |
| गुरु, 26 सितंबर 2030 | चतुर्दशी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 1:30 – दोपहर 3:01 |
| शुक्र, 27 सितंबर 2030 | अमावस्या | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 10:29 – सुबह 11:59 |
| शनि, 28 सितंबर 2030 | प्रतिपदा | हस्त | सुबह 8:58 – सुबह 10:29 |
| रवि, 29 सितंबर 2030 | द्वितीया | चित्रा | शाम 4:29 – शाम 6:00 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 23 सितंबर 2030 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 7:11 तक।
सोम, 23 सितंबर 2030 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; शाम 4:07 तक।
सोम, 23 सितंबर 2030 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 7:28 – सुबह 8:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 23 सितंबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:04 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।