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दैनिक पंचांग

चेन्नई पंचांग, बुध, 26 जून 2030

बुध, 26 जून 2030 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र भरणी, योग अतिगण्ड और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:48 है।

सूर्योदय
तड़के 5:44
सूर्यास्त
शाम 6:38
तिथि
एकादशी · शाम 5:28 तक
नक्षत्र
भरणी · रात 1:36 तक
योग
अतिगण्ड
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:11 – दोपहर 1:48
यमगंड
सुबह 7:21 – सुबह 8:58
गुलिक काल
सुबह 10:35 – दोपहर 12:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
अमृत काल
सुबह 9:46 – सुबह 11:23

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आज चेन्नई में

बुध, 26 जून 2030 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र भरणी, योग अतिगण्ड और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:48 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

चेन्नई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 27 जून 2030द्वादशीकृत्तिकादोपहर 1:48 – दोपहर 3:25
शुक्र, 28 जून 2030त्रयोदशीरोहिणीसुबह 10:35 – दोपहर 12:12
शनि, 29 जून 2030चतुर्दशीरोहिणीसुबह 8:59 – सुबह 10:35
रवि, 30 जून 2030अमावस्यामृगशिराशाम 5:02 – शाम 6:39
सोम, 1 जुलाई 2030प्रतिपदाआर्द्रासुबह 7:22 – सुबह 8:59
मंगल, 2 जुलाई 2030द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:26 – शाम 5:02

सामान्य प्रश्न

बुध, 26 जून 2030 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 5:28 तक।

बुध, 26 जून 2030 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; रात 1:36 तक।

बुध, 26 जून 2030 को चेन्नई में राहु काल कब है?

चेन्नई में राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:48 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 26 जून 2030 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:44 और सूर्यास्त शाम 6:38 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।