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दैनिक पंचांग

चेन्नई पंचांग, शुक्र, 19 अप्रैल 2030

शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र स्वाती, योग वज्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:34 – दोपहर 12:08 है।

सूर्योदय
तड़के 5:54
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
द्वितीया · रात 1:36 तक
नक्षत्र
स्वाती · सुबह 10:27 तक
योग
वज्र
करण
तैतिल
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:34 – दोपहर 12:08
यमगंड
दोपहर 3:15 – शाम 4:48
गुलिक काल
सुबह 7:27 – सुबह 9:01
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
दोपहर 12:54 – दोपहर 2:28

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आज चेन्नई में

शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को चेन्नई में सूर्योदय तड़के 5:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र स्वाती, योग वज्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:34 – दोपहर 12:08 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

चेन्नई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 20 अप्रैल 2030तृतीयाविशाखासुबह 9:00 – सुबह 10:34
रवि, 21 अप्रैल 2030चतुर्थीज्येष्ठाशाम 4:48 – शाम 6:22
सोम, 22 अप्रैल 2030पंचमीमूलसुबह 7:26 – सुबह 9:00
मंगल, 23 अप्रैल 2030षष्ठीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:15 – शाम 4:48
बुध, 24 अप्रैल 2030सप्तमीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:07 – दोपहर 1:41
गुरु, 25 अप्रैल 2030अष्टमीश्रवणदोपहर 1:40 – दोपहर 3:14

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 1:36 तक।

शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 10:27 तक।

शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को चेन्नई में राहु काल कब है?

चेन्नई में राहु काल सुबह 10:34 – दोपहर 12:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 19 अप्रैल 2030 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:54 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।