दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, गुरु, 14 मार्च 2030
गुरु, 14 मार्च 2030 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:18 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:19
- तिथि
- दशमी · सुबह 6:07 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · सुबह 10:38 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:48 – दोपहर 3:18
- यमगंड
- सुबह 6:17 – सुबह 7:47
- गुलिक काल
- सुबह 9:17 – सुबह 10:47
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- सुबह 11:33 – दोपहर 1:03
आज चेन्नई में
गुरु, 14 मार्च 2030 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:18 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 15 मार्च 2030 | दशमी | पुनर्वसु | सुबह 10:47 – दोपहर 12:17 |
| शनि, 16 मार्च 2030 | एकादशी | पुष्य | सुबह 9:16 – सुबह 10:47 |
| रवि, 17 मार्च 2030 | द्वादशी | आश्लेषा | शाम 4:48 – शाम 6:19 |
| सोम, 18 मार्च 2030 | चतुर्दशी | मघा | सुबह 7:45 – सुबह 9:15 |
| मंगल, 19 मार्च 2030 | पूर्णिमा | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 3:18 – शाम 4:48 |
| बुध, 20 मार्च 2030 | प्रतिपदा | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:16 – दोपहर 1:47 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 14 मार्च 2030 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 6:07 तक।
गुरु, 14 मार्च 2030 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 10:38 तक।
गुरु, 14 मार्च 2030 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल दोपहर 1:48 – दोपहर 3:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 14 मार्च 2030 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।