दैनिक पंचांग
चेन्नई पंचांग, सोम, 25 फ़रवरी 2030
सोम, 25 फ़रवरी 2030 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र अनुराधा, योग ध्रुव और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:55 – सुबह 9:24 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:27
- सूर्यास्त
- शाम 6:16
- तिथि
- अष्टमी · शाम 6:31 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · दोपहर 3:03 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- बालव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:55 – सुबह 9:24
- यमगंड
- सुबह 10:53 – दोपहर 12:22
- गुलिक काल
- दोपहर 1:50 – दोपहर 3:19
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
- अमृत काल
- सुबह 7:11 – सुबह 8:40
आज चेन्नई में
सोम, 25 फ़रवरी 2030 को चेन्नई में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र अनुराधा, योग ध्रुव और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:55 – सुबह 9:24 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चेन्नई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 26 फ़रवरी 2030 | नवमी | ज्येष्ठा | दोपहर 3:19 – शाम 4:48 |
| बुध, 27 फ़रवरी 2030 | दशमी | मूल | दोपहर 12:21 – दोपहर 1:50 |
| गुरु, 28 फ़रवरी 2030 | एकादशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:50 – दोपहर 3:19 |
| शुक्र, 1 मार्च 2030 | द्वादशी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:52 – दोपहर 12:21 |
| शनि, 2 मार्च 2030 | त्रयोदशी | श्रवण | सुबह 9:22 – सुबह 10:51 |
| रवि, 3 मार्च 2030 | चतुर्दशी | धनिष्ठा | शाम 4:48 – शाम 6:17 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 25 फ़रवरी 2030 को चेन्नई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 6:31 तक।
सोम, 25 फ़रवरी 2030 को चेन्नई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; दोपहर 3:03 तक।
सोम, 25 फ़रवरी 2030 को चेन्नई में राहु काल कब है?
चेन्नई में राहु काल सुबह 7:55 – सुबह 9:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 25 फ़रवरी 2030 को चेन्नई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।