दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, सोम, 17 नवंबर 2031
सोम, 17 नवंबर 2031 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 6:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग अतिगण्ड और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:09 – सुबह 9:29 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:50
- सूर्यास्त
- शाम 5:24
- तिथि
- तृतीया · रात 7:21 तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा · सुबह 8:15 तक
- योग
- अतिगण्ड
- करण
- तैतिल
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:09 – सुबह 9:29
- यमगंड
- सुबह 10:48 – दोपहर 12:07
- गुलिक काल
- दोपहर 1:26 – दोपहर 2:46
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
- अमृत काल
- सुबह 7:30 – सुबह 8:49
आज चंडीगढ़ में
सोम, 17 नवंबर 2031 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 6:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग अतिगण्ड और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:09 – सुबह 9:29 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 18 नवंबर 2031 | चतुर्थी | मूल | दोपहर 2:46 – शाम 4:05 |
| बुध, 19 नवंबर 2031 | पंचमी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:08 – दोपहर 1:26 |
| गुरु, 20 नवंबर 2031 | षष्ठी | श्रवण | दोपहर 1:27 – दोपहर 2:45 |
| शुक्र, 21 नवंबर 2031 | सप्तमी | धनिष्ठा | सुबह 10:49 – दोपहर 12:08 |
| शनि, 22 नवंबर 2031 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 9:31 – सुबह 10:50 |
| रवि, 23 नवंबर 2031 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 4:04 – शाम 5:22 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 17 नवंबर 2031 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 7:21 तक।
सोम, 17 नवंबर 2031 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; सुबह 8:15 तक।
सोम, 17 नवंबर 2031 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल सुबह 8:09 – सुबह 9:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 17 नवंबर 2031 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:50 और सूर्यास्त शाम 5:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।