दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, रवि, 26 अक्टूबर 2031
रवि, 26 अक्टूबर 2031 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र शतभिषा, योग गण्ड और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:17 – शाम 5:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:32
- सूर्यास्त
- शाम 5:40
- तिथि
- एकादशी · शाम 5:50 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा · शाम 4:50 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- वणिज
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:17 – शाम 5:40
- यमगंड
- दोपहर 12:06 – दोपहर 1:30
- गुलिक काल
- दोपहर 2:53 – शाम 4:17
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- दोपहर 12:48 – दोपहर 2:11
आज चंडीगढ़ में
रवि, 26 अक्टूबर 2031 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र शतभिषा, योग गण्ड और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:17 – शाम 5:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 27 अक्टूबर 2031 | द्वादशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 7:56 – सुबह 9:20 |
| मंगल, 28 अक्टूबर 2031 | त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 2:52 – शाम 4:15 |
| बुध, 29 अक्टूबर 2031 | चतुर्दशी | रेवती | दोपहर 12:06 – दोपहर 1:29 |
| गुरु, 30 अक्टूबर 2031 | पूर्णिमा | अश्विनी | दोपहर 1:29 – दोपहर 2:51 |
| शुक्र, 31 अक्टूबर 2031 | प्रतिपदा | भरणी | सुबह 10:43 – दोपहर 12:06 |
| शनि, 1 नवंबर 2031 | द्वितीया | कृत्तिका | सुबह 9:21 – सुबह 10:44 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 26 अक्टूबर 2031 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 5:50 तक।
रवि, 26 अक्टूबर 2031 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; शाम 4:50 तक।
रवि, 26 अक्टूबर 2031 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल शाम 4:17 – शाम 5:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 26 अक्टूबर 2031 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 5:40 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।