दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, शुक्र, 20 दिसंबर 2030
शुक्र, 20 दिसंबर 2030 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 7:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र चित्रा, योग सौभाग्य और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 11:04 – दोपहर 12:20 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:15
- सूर्यास्त
- शाम 5:25
- तिथि
- दशमी · दोपहर 2:50 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · शाम 6:59 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- विष्टि
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:04 – दोपहर 12:20
- यमगंड
- दोपहर 2:52 – शाम 4:08
- गुलिक काल
- सुबह 8:31 – सुबह 9:47
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- दोपहर 12:58 – दोपहर 2:14
आज चंडीगढ़ में
शुक्र, 20 दिसंबर 2030 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 7:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र चित्रा, योग सौभाग्य और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 11:04 – दोपहर 12:20 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 21 दिसंबर 2030 | एकादशी | स्वाती | सुबह 9:48 – सुबह 11:04 |
| रवि, 22 दिसंबर 2030 | द्वादशी | विशाखा | शाम 4:09 – शाम 5:26 |
| सोम, 23 दिसंबर 2030 | त्रयोदशी | अनुराधा | सुबह 8:33 – सुबह 9:49 |
| मंगल, 24 दिसंबर 2030 | अमावस्या | ज्येष्ठा | दोपहर 2:54 – शाम 4:10 |
| बुध, 25 दिसंबर 2030 | प्रतिपदा | मूल | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:39 |
| गुरु, 26 दिसंबर 2030 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:39 – दोपहर 2:55 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 20 दिसंबर 2030 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; दोपहर 2:50 तक।
शुक्र, 20 दिसंबर 2030 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; शाम 6:59 तक।
शुक्र, 20 दिसंबर 2030 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल सुबह 11:04 – दोपहर 12:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 20 दिसंबर 2030 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:15 और सूर्यास्त शाम 5:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।