दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, गुरु, 25 जुलाई 2030
गुरु, 25 जुलाई 2030 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:55 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:36
- सूर्यास्त
- रात 7:22
- तिथि
- दशमी · सुबह 7:30 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · सुबह 11:43 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- विष्टि
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:12 – दोपहर 3:55
- यमगंड
- तड़के 5:36 – सुबह 7:19
- गुलिक काल
- सुबह 9:02 – सुबह 10:45
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- सुबह 11:37 – दोपहर 1:20
आज चंडीगढ़ में
गुरु, 25 जुलाई 2030 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:55 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 26 जुलाई 2030 | एकादशी | रोहिणी | सुबह 10:46 – दोपहर 12:29 |
| शनि, 27 जुलाई 2030 | द्वादशी | मृगशिरा | सुबह 9:03 – सुबह 10:46 |
| रवि, 28 जुलाई 2030 | त्रयोदशी | आर्द्रा | शाम 5:37 – रात 7:20 |
| सोम, 29 जुलाई 2030 | चतुर्दशी | पुनर्वसु | सुबह 7:21 – सुबह 9:03 |
| मंगल, 30 जुलाई 2030 | अमावस्या | पुष्य | दोपहर 3:54 – शाम 5:36 |
| बुध, 31 जुलाई 2030 | प्रतिपदा | आश्लेषा | दोपहर 12:29 – दोपहर 2:11 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 25 जुलाई 2030 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 7:30 तक।
गुरु, 25 जुलाई 2030 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 11:43 तक।
गुरु, 25 जुलाई 2030 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 25 जुलाई 2030 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:36 और सूर्यास्त रात 7:22 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।