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दैनिक पंचांग

चंडीगढ़ पंचांग, गुरु, 20 सितंबर 2029

गुरु, 20 सितंबर 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सुकर्मा और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:19 है।

सूर्योदय
सुबह 6:10
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
त्रयोदशी · शाम 6:58 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · दोपहर 1:18 तक
योग
सुकर्मा
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:47 – दोपहर 3:19
यमगंड
सुबह 6:10 – सुबह 7:41
गुलिक काल
सुबह 9:13 – सुबह 10:44
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
सुबह 11:30 – दोपहर 1:01

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आज चंडीगढ़ में

गुरु, 20 सितंबर 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग सुकर्मा और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:19 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

चंडीगढ़ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 21 सितंबर 2029चतुर्दशीशतभिषासुबह 10:44 – दोपहर 12:15
शनि, 22 सितंबर 2029पूर्णिमापूर्वा भाद्रपदसुबह 9:13 – सुबह 10:44
रवि, 23 सितंबर 2029प्रतिपदाउत्तरा भाद्रपदशाम 4:47 – शाम 6:18
सोम, 24 सितंबर 2029द्वितीयारेवतीसुबह 7:42 – सुबह 9:13
मंगल, 25 सितंबर 2029तृतीयाअश्विनीदोपहर 3:14 – शाम 4:45
बुध, 26 सितंबर 2029चतुर्थीभरणीदोपहर 12:13 – दोपहर 1:44

सामान्य प्रश्न

गुरु, 20 सितंबर 2029 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; शाम 6:58 तक।

गुरु, 20 सितंबर 2029 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; दोपहर 1:18 तक।

गुरु, 20 सितंबर 2029 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?

चंडीगढ़ में राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 20 सितंबर 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।