दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, रवि, 29 जुलाई 2029
रवि, 29 जुलाई 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग सौभाग्य और करण बव है। राहु काल शाम 5:37 – रात 7:19 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:38
- सूर्यास्त
- रात 7:19
- तिथि
- चतुर्थी · रात 9:11 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · रात 2:42 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:37 – रात 7:19
- यमगंड
- दोपहर 12:29 – दोपहर 2:11
- गुलिक काल
- दोपहर 3:54 – शाम 5:37
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- दोपहर 1:20 – दोपहर 3:03
आज चंडीगढ़ में
रवि, 29 जुलाई 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग सौभाग्य और करण बव है। राहु काल शाम 5:37 – रात 7:19 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 30 जुलाई 2029 | पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:21 – सुबह 9:04 |
| मंगल, 31 जुलाई 2029 | षष्ठी | रेवती | दोपहर 3:53 – शाम 5:35 |
| बुध, 1 अगस्त 2029 | सप्तमी | रेवती | दोपहर 12:29 – दोपहर 2:11 |
| गुरु, 2 अगस्त 2029 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 2:10 – दोपहर 3:52 |
| शुक्र, 3 अगस्त 2029 | अष्टमी | भरणी | सुबह 10:47 – दोपहर 12:28 |
| शनि, 4 अगस्त 2029 | नवमी | कृत्तिका | सुबह 9:05 – सुबह 10:47 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 29 जुलाई 2029 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 9:11 तक।
रवि, 29 जुलाई 2029 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 2:42 तक।
रवि, 29 जुलाई 2029 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल शाम 5:37 – रात 7:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 29 जुलाई 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:38 और सूर्यास्त रात 7:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।