दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, रवि, 10 जून 2029
रवि, 10 जून 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग अतिगण्ड और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:39 – रात 7:25 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:19
- सूर्यास्त
- रात 7:25
- तिथि
- त्रयोदशी · सुबह 6:48 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · रात 12:04 तक
- योग
- अतिगण्ड
- करण
- वणिज
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:39 – रात 7:25
- यमगंड
- दोपहर 12:22 – दोपहर 2:08
- गुलिक काल
- दोपहर 3:53 – शाम 5:39
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
- अमृत काल
- दोपहर 1:15 – दोपहर 3:01
आज चंडीगढ़ में
रवि, 10 जून 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग अतिगण्ड और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:39 – रात 7:25 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 11 जून 2029 | चतुर्दशी | रोहिणी | सुबह 7:05 – सुबह 8:51 |
| मंगल, 12 जून 2029 | अमावस्या | मृगशिरा | दोपहर 3:54 – शाम 5:40 |
| बुध, 13 जून 2029 | प्रतिपदा | आर्द्रा | दोपहर 12:23 – दोपहर 2:08 |
| गुरु, 14 जून 2029 | द्वितीया | पुनर्वसु | दोपहर 2:09 – दोपहर 3:55 |
| शुक्र, 15 जून 2029 | तृतीया | पुष्य | सुबह 10:37 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 16 जून 2029 | चतुर्थी | आश्लेषा | सुबह 8:51 – सुबह 10:37 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 10 जून 2029 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 6:48 तक।
रवि, 10 जून 2029 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 12:04 तक।
रवि, 10 जून 2029 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल शाम 5:39 – रात 7:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 10 जून 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:19 और सूर्यास्त रात 7:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।