दैनिक पंचांग
चंडीगढ़ पंचांग, मंगल, 22 मई 2029
मंगल, 22 मई 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:31 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:24
- सूर्यास्त
- रात 7:15
- तिथि
- नवमी · शाम 6:46 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी · रात 8:46 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- बालव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:47 – शाम 5:31
- यमगंड
- सुबह 8:51 – सुबह 10:35
- गुलिक काल
- दोपहर 12:19 – दोपहर 2:03
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
- अमृत काल
- सुबह 8:00 – सुबह 9:43
आज चंडीगढ़ में
मंगल, 22 मई 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय तड़के 5:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:31 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल चंडीगढ़ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 23 मई 2029 | दशमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:19 – दोपहर 2:03 |
| गुरु, 24 मई 2029 | एकादशी | हस्त | दोपहर 2:04 – दोपहर 3:48 |
| शुक्र, 25 मई 2029 | द्वादशी | चित्रा | सुबह 10:35 – दोपहर 12:19 |
| शनि, 26 मई 2029 | त्रयोदशी | स्वाती | सुबह 8:51 – सुबह 10:35 |
| रवि, 27 मई 2029 | पूर्णिमा | विशाखा | शाम 5:33 – रात 7:18 |
| सोम, 28 मई 2029 | प्रतिपदा | अनुराधा | सुबह 7:06 – सुबह 8:51 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 22 मई 2029 को चंडीगढ़ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; शाम 6:46 तक।
मंगल, 22 मई 2029 को चंडीगढ़ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 8:46 तक।
मंगल, 22 मई 2029 को चंडीगढ़ में राहु काल कब है?
चंडीगढ़ में राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:31 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 22 मई 2029 को चंडीगढ़ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:24 और सूर्यास्त रात 7:15 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।