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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, बुध, 5 नवंबर 2031

बुध, 5 नवंबर 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 11:30 – दोपहर 12:55 है।

सूर्योदय
तड़के 5:50
सूर्यास्त
शाम 5:10
तिथि
षष्ठी · रात 8:48 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · रात 2:08 तक
योग
सिद्ध
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:30 – दोपहर 12:55
यमगंड
सुबह 7:15 – सुबह 8:40
गुलिक काल
सुबह 10:05 – सुबह 11:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:01 – सुबह 11:49
अमृत काल
सुबह 9:22 – सुबह 10:47

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आज भुवनेश्वर में

बुध, 5 नवंबर 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सिद्ध और करण गर है। राहु काल सुबह 11:30 – दोपहर 12:55 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 6 नवंबर 2031सप्तमीपुष्यदोपहर 12:55 – दोपहर 2:19
शुक्र, 7 नवंबर 2031अष्टमीआश्लेषासुबह 10:05 – सुबह 11:30
शनि, 8 नवंबर 2031नवमीआश्लेषासुबह 8:40 – सुबह 10:05
रवि, 9 नवंबर 2031दशमीमघादोपहर 3:43 – शाम 5:08
सोम, 10 नवंबर 2031एकादशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 7:17 – सुबह 8:41
मंगल, 11 नवंबर 2031एकादशीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 2:19 – दोपहर 3:43

सामान्य प्रश्न

बुध, 5 नवंबर 2031 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 8:48 तक।

बुध, 5 नवंबर 2031 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 2:08 तक।

बुध, 5 नवंबर 2031 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 11:30 – दोपहर 12:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 5 नवंबर 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:50 और सूर्यास्त शाम 5:10 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।