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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, मंगल, 8 जुलाई 2031

मंगल, 8 जुलाई 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:11 – शाम 4:51 है।

सूर्योदय
तड़के 5:12
सूर्यास्त
शाम 6:30
तिथि
चतुर्थी · सुबह 10:20 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · तड़के 5:32 तक
योग
प्रीति
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:11 – शाम 4:51
यमगंड
सुबह 8:32 – सुबह 10:11
गुलिक काल
सुबह 11:51 – दोपहर 1:31
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:18 – दोपहर 12:06
अमृत काल
सुबह 7:42 – सुबह 9:22

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आज भुवनेश्वर में

मंगल, 8 जुलाई 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:11 – शाम 4:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 9 जुलाई 2031पंचमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:51 – दोपहर 1:31
गुरु, 10 जुलाई 2031षष्ठीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:31 – दोपहर 3:11
शुक्र, 11 जुलाई 2031अष्टमीरेवतीसुबह 10:12 – सुबह 11:52
शनि, 12 जुलाई 2031नवमीअश्विनीसुबह 8:33 – सुबह 10:12
रवि, 13 जुलाई 2031नवमीभरणीशाम 4:50 – शाम 6:30
सोम, 14 जुलाई 2031दशमीभरणीसुबह 6:54 – सुबह 8:33

सामान्य प्रश्न

मंगल, 8 जुलाई 2031 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 10:20 तक।

मंगल, 8 जुलाई 2031 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; तड़के 5:32 तक।

मंगल, 8 जुलाई 2031 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 3:11 – शाम 4:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 8 जुलाई 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:12 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।