दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, शनि, 17 मई 2031
शनि, 17 मई 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:26 – सुबह 10:04 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:09
- सूर्यास्त
- शाम 6:16
- तिथि
- एकादशी · सुबह 9:18 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · दोपहर 2:39 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- बालव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:26 – सुबह 10:04
- यमगंड
- दोपहर 1:21 – दोपहर 2:59
- गुलिक काल
- तड़के 5:09 – सुबह 6:48
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:10 – सुबह 11:58
- अमृत काल
- दोपहर 2:10 – दोपहर 3:49
आज भुवनेश्वर में
शनि, 17 मई 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:26 – सुबह 10:04 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 18 मई 2031 | द्वादशी | रेवती | शाम 4:38 – शाम 6:17 |
| सोम, 19 मई 2031 | त्रयोदशी | अश्विनी | सुबह 6:47 – सुबह 8:26 |
| मंगल, 20 मई 2031 | चतुर्दशी | भरणी | दोपहर 3:00 – शाम 4:39 |
| बुध, 21 मई 2031 | अमावस्या | कृत्तिका | सुबह 11:43 – दोपहर 1:22 |
| गुरु, 22 मई 2031 | प्रतिपदा | रोहिणी | दोपहर 1:22 – दोपहर 3:01 |
| शुक्र, 23 मई 2031 | द्वितीया | मृगशिरा | सुबह 10:04 – सुबह 11:43 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 17 मई 2031 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 9:18 तक।
शनि, 17 मई 2031 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; दोपहर 2:39 तक।
शनि, 17 मई 2031 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 8:26 – सुबह 10:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 17 मई 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:09 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।