दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, मंगल, 11 मार्च 2031
मंगल, 11 मार्च 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र हस्त, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:55 – शाम 4:25 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:59
- सूर्यास्त
- शाम 5:54
- तिथि
- द्वितीया · सुबह 8:47 तक
- नक्षत्र
- हस्त · दोपहर 2:36 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- गर
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:55 – शाम 4:25
- यमगंड
- सुबह 8:57 – सुबह 10:27
- गुलिक काल
- सुबह 11:56 – दोपहर 1:26
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:27 – दोपहर 12:15
- अमृत काल
- सुबह 8:13 – सुबह 9:42
आज भुवनेश्वर में
मंगल, 11 मार्च 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र हस्त, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:55 – शाम 4:25 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 12 मार्च 2031 | तृतीया | चित्रा | सुबह 11:56 – दोपहर 1:26 |
| गुरु, 13 मार्च 2031 | चतुर्थी | स्वाती | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:55 |
| शुक्र, 14 मार्च 2031 | षष्ठी | विशाखा | सुबह 10:26 – सुबह 11:56 |
| शनि, 15 मार्च 2031 | सप्तमी | अनुराधा | सुबह 8:55 – सुबह 10:25 |
| रवि, 16 मार्च 2031 | अष्टमी | ज्येष्ठा | शाम 4:26 – शाम 5:56 |
| सोम, 17 मार्च 2031 | नवमी | मूल | सुबह 7:24 – सुबह 8:54 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 11 मार्च 2031 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 8:47 तक।
मंगल, 11 मार्च 2031 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; दोपहर 2:36 तक।
मंगल, 11 मार्च 2031 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 2:55 – शाम 4:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 11 मार्च 2031 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 5:54 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।