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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, मंगल, 22 अक्टूबर 2030

मंगल, 22 अक्टूबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मघा, योग साध्य और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:24 – दोपहर 3:51 है।

सूर्योदय
तड़के 5:44
सूर्यास्त
शाम 5:18
तिथि
दशमी · सुबह 10:46 तक
नक्षत्र
मघा · रात 2:46 तक
योग
साध्य
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:24 – दोपहर 3:51
यमगंड
सुबह 8:37 – सुबह 10:04
गुलिक काल
सुबह 11:31 – दोपहर 12:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:02 – सुबह 11:50
अमृत काल
सुबह 7:54 – सुबह 9:20

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आज भुवनेश्वर में

मंगल, 22 अक्टूबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:44 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मघा, योग साध्य और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:24 – दोपहर 3:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 23 अक्टूबर 2030एकादशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 11:30 – दोपहर 12:57
गुरु, 24 अक्टूबर 2030द्वादशीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:57 – दोपहर 2:23
शुक्र, 25 अक्टूबर 2030त्रयोदशीहस्तसुबह 10:04 – सुबह 11:30
शनि, 26 अक्टूबर 2030अमावस्याचित्रासुबह 8:38 – सुबह 10:04
रवि, 27 अक्टूबर 2030प्रतिपदास्वातीदोपहर 3:48 – शाम 5:14
सोम, 28 अक्टूबर 2030द्वितीयाविशाखासुबह 7:12 – सुबह 8:38

सामान्य प्रश्न

मंगल, 22 अक्टूबर 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 10:46 तक।

मंगल, 22 अक्टूबर 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 2:46 तक।

मंगल, 22 अक्टूबर 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 2:24 – दोपहर 3:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 22 अक्टूबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:44 और सूर्यास्त शाम 5:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।