दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, शनि, 21 सितंबर 2030
शनि, 21 सितंबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल सुबह 8:37 – सुबह 10:08 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:35
- सूर्यास्त
- शाम 5:44
- तिथि
- नवमी · शाम 4:47 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · दोपहर 12:21 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:37 – सुबह 10:08
- यमगंड
- दोपहर 1:10 – दोपहर 2:41
- गुलिक काल
- तड़के 5:35 – सुबह 7:06
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:09 – सुबह 11:57
- अमृत काल
- दोपहर 1:56 – दोपहर 3:27
आज भुवनेश्वर में
शनि, 21 सितंबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल सुबह 8:37 – सुबह 10:08 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 22 सितंबर 2030 | दशमी | पुनर्वसु | शाम 4:12 – शाम 5:43 |
| सोम, 23 सितंबर 2030 | एकादशी | पुष्य | सुबह 7:06 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 24 सितंबर 2030 | द्वादशी | आश्लेषा | दोपहर 2:39 – शाम 4:10 |
| बुध, 25 सितंबर 2030 | त्रयोदशी | मघा | सुबह 11:38 – दोपहर 1:08 |
| गुरु, 26 सितंबर 2030 | चतुर्दशी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 1:08 – दोपहर 2:38 |
| शुक्र, 27 सितंबर 2030 | अमावस्या | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 10:07 – सुबह 11:37 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 21 सितंबर 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; शाम 4:47 तक।
शनि, 21 सितंबर 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; दोपहर 12:21 तक।
शनि, 21 सितंबर 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 8:37 – सुबह 10:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 21 सितंबर 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:35 और सूर्यास्त शाम 5:44 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।