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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, बुध, 7 अगस्त 2030

बुध, 7 अगस्त 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र विशाखा, योग शुभ और करण बव है। राहु काल सुबह 11:52 – दोपहर 1:29 है।

सूर्योदय
तड़के 5:23
सूर्यास्त
शाम 6:21
तिथि
अष्टमी · सुबह 9:11 तक
नक्षत्र
विशाखा · रात 8:53 तक
योग
शुभ
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:52 – दोपहर 1:29
यमगंड
सुबह 7:00 – सुबह 8:38
गुलिक काल
सुबह 10:15 – सुबह 11:52
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:19 – दोपहर 12:07
अमृत काल
सुबह 9:26 – सुबह 11:03

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आज भुवनेश्वर में

बुध, 7 अगस्त 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र विशाखा, योग शुभ और करण बव है। राहु काल सुबह 11:52 – दोपहर 1:29 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 8 अगस्त 2030नवमीअनुराधादोपहर 1:29 – दोपहर 3:06
शुक्र, 9 अगस्त 2030एकादशीज्येष्ठासुबह 10:15 – सुबह 11:52
शनि, 10 अगस्त 2030द्वादशीमूलसुबह 8:38 – सुबह 10:15
रवि, 11 अगस्त 2030त्रयोदशीपूर्वाषाढ़ाशाम 4:41 – शाम 6:18
सोम, 12 अगस्त 2030चतुर्दशीउत्तराषाढ़ासुबह 7:01 – सुबह 8:38
मंगल, 13 अगस्त 2030पूर्णिमाश्रवणदोपहर 3:04 – शाम 4:40

सामान्य प्रश्न

बुध, 7 अगस्त 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 9:11 तक।

बुध, 7 अगस्त 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 8:53 तक।

बुध, 7 अगस्त 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 11:52 – दोपहर 1:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 7 अगस्त 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:23 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।