दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, शनि, 20 जुलाई 2030
शनि, 20 जुलाई 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 8:35 – सुबह 10:14 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:28
- तिथि
- षष्ठी · रात 11:33 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · रात 1:14 तक
- योग
- शोभन
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:35 – सुबह 10:14
- यमगंड
- दोपहर 1:31 – दोपहर 3:10
- गुलिक काल
- तड़के 5:17 – सुबह 6:56
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:19 – दोपहर 12:07
- अमृत काल
- दोपहर 2:21 – शाम 4:00
आज भुवनेश्वर में
शनि, 20 जुलाई 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 8:35 – सुबह 10:14 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 21 जुलाई 2030 | सप्तमी | रेवती | शाम 4:49 – शाम 6:28 |
| सोम, 22 जुलाई 2030 | अष्टमी | अश्विनी | सुबह 6:56 – सुबह 8:35 |
| मंगल, 23 जुलाई 2030 | नवमी | अश्विनी | दोपहर 3:10 – शाम 4:49 |
| बुध, 24 जुलाई 2030 | दशमी | भरणी | सुबह 11:53 – दोपहर 1:31 |
| गुरु, 25 जुलाई 2030 | दशमी | कृत्तिका | दोपहर 1:31 – दोपहर 3:10 |
| शुक्र, 26 जुलाई 2030 | एकादशी | रोहिणी | सुबह 10:14 – सुबह 11:53 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 20 जुलाई 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 11:33 तक।
शनि, 20 जुलाई 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; रात 1:14 तक।
शनि, 20 जुलाई 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 8:35 – सुबह 10:14 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 20 जुलाई 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:17 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।