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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, रवि, 14 अप्रैल 2030

रवि, 14 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र मघा, योग शूल और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:30 – शाम 6:04 है।

सूर्योदय
तड़के 5:29
सूर्यास्त
शाम 6:04
तिथि
एकादशी · रात 8:02 तक
नक्षत्र
मघा · रात 9:38 तक
योग
शूल
करण
वणिज
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:30 – शाम 6:04
यमगंड
सुबह 11:47 – दोपहर 1:21
गुलिक काल
दोपहर 2:55 – शाम 4:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:15 – दोपहर 12:03
अमृत काल
दोपहर 12:34 – दोपहर 2:08

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आज भुवनेश्वर में

रवि, 14 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र मघा, योग शूल और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:30 – शाम 6:04 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 15 अप्रैल 2030द्वादशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 7:03 – सुबह 8:37
मंगल, 16 अप्रैल 2030त्रयोदशीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 2:56 – शाम 4:30
बुध, 17 अप्रैल 2030चतुर्दशीहस्तसुबह 11:46 – दोपहर 1:21
गुरु, 18 अप्रैल 2030पूर्णिमाचित्रादोपहर 1:21 – दोपहर 2:56
शुक्र, 19 अप्रैल 2030द्वितीयास्वातीसुबह 10:10 – सुबह 11:46
शनि, 20 अप्रैल 2030तृतीयाविशाखासुबह 8:35 – सुबह 10:10

सामान्य प्रश्न

रवि, 14 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 8:02 तक।

रवि, 14 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 9:38 तक।

रवि, 14 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल शाम 4:30 – शाम 6:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 14 अप्रैल 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:29 और सूर्यास्त शाम 6:04 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।