दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, शुक्र, 1 मार्च 2030
शुक्र, 1 मार्च 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग व्यतीपात और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:31 – सुबह 11:59 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:06
- सूर्यास्त
- शाम 5:51
- तिथि
- द्वादशी · दोपहर 1:05 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · दोपहर 12:14 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:31 – सुबह 11:59
- यमगंड
- दोपहर 2:55 – शाम 4:23
- गुलिक काल
- सुबह 7:34 – सुबह 9:03
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
- अमृत काल
- दोपहर 12:43 – दोपहर 2:11
आज भुवनेश्वर में
शुक्र, 1 मार्च 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग व्यतीपात और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:31 – सुबह 11:59 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 2 मार्च 2030 | त्रयोदशी | श्रवण | सुबह 9:02 – सुबह 10:30 |
| रवि, 3 मार्च 2030 | चतुर्दशी | धनिष्ठा | शाम 4:23 – शाम 5:52 |
| सोम, 4 मार्च 2030 | अमावस्या | शतभिषा | सुबह 7:33 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 5 मार्च 2030 | प्रतिपदा | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 2:55 – शाम 4:24 |
| बुध, 6 मार्च 2030 | द्वितीया | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 11:58 – दोपहर 1:26 |
| गुरु, 7 मार्च 2030 | तृतीया | रेवती | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:55 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 1 मार्च 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; दोपहर 1:05 तक।
शुक्र, 1 मार्च 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; दोपहर 12:14 तक।
शुक्र, 1 मार्च 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 10:31 – सुबह 11:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 1 मार्च 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 5:51 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।