दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, शनि, 19 जनवरी 2030
शनि, 19 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पुनर्वसु, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:11 – सुबह 10:34 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:25
- सूर्यास्त
- शाम 5:29
- तिथि
- पूर्णिमा · रात 9:24 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · शाम 5:41 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- विष्टि
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:11 – सुबह 10:34
- यमगंड
- दोपहर 1:20 – दोपहर 2:43
- गुलिक काल
- सुबह 6:25 – सुबह 7:48
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
- अमृत काल
- दोपहर 2:02 – दोपहर 3:25
आज भुवनेश्वर में
शनि, 19 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पुनर्वसु, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:11 – सुबह 10:34 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 20 जनवरी 2030 | प्रतिपदा | पुष्य | शाम 4:07 – शाम 5:30 |
| सोम, 21 जनवरी 2030 | द्वितीया | आश्लेषा | सुबह 7:48 – सुबह 9:11 |
| मंगल, 22 जनवरी 2030 | तृतीया | मघा | दोपहर 2:45 – शाम 4:08 |
| बुध, 23 जनवरी 2030 | चतुर्थी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 11:58 – दोपहर 1:22 |
| गुरु, 24 जनवरी 2030 | पंचमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 1:22 – दोपहर 2:45 |
| शुक्र, 25 जनवरी 2030 | षष्ठी | हस्त | सुबह 10:35 – सुबह 11:59 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 19 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 9:24 तक।
शनि, 19 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; शाम 5:41 तक।
शनि, 19 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 9:11 – सुबह 10:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 19 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 5:29 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।