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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, बुध, 9 जनवरी 2030

बुध, 9 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:53 – दोपहर 1:16 है।

सूर्योदय
सुबह 6:24
सूर्यास्त
शाम 5:23
तिथि
षष्ठी · तड़के 4:40 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · रात 8:38 तक
योग
व्यतीपात
करण
कौलव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:53 – दोपहर 1:16
यमगंड
सुबह 7:46 – सुबह 9:09
गुलिक काल
सुबह 10:31 – सुबह 11:53
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:26 – दोपहर 12:14
अमृत काल
सुबह 9:50 – सुबह 11:12

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आज भुवनेश्वर में

बुध, 9 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:53 – दोपहर 1:16 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 10 जनवरी 2030सप्तमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:16 – दोपहर 2:39
शुक्र, 11 जनवरी 2030सप्तमीरेवतीसुबह 10:32 – सुबह 11:54
शनि, 12 जनवरी 2030अष्टमीअश्विनीसुबह 9:09 – सुबह 10:32
रवि, 13 जनवरी 2030नवमीभरणीशाम 4:03 – शाम 5:25
सोम, 14 जनवरी 2030दशमीभरणीसुबह 7:47 – सुबह 9:10
मंगल, 15 जनवरी 2030एकादशीकृत्तिकादोपहर 2:41 – शाम 4:04

सामान्य प्रश्न

बुध, 9 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; तड़के 4:40 तक।

बुध, 9 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 8:38 तक।

बुध, 9 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 11:53 – दोपहर 1:16 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 9 जनवरी 2030 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:24 और सूर्यास्त शाम 5:23 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।