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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, शुक्र, 28 दिसंबर 2029

शुक्र, 28 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:26 – सुबह 11:48 है।

सूर्योदय
सुबह 6:20
सूर्यास्त
शाम 5:15
तिथि
अष्टमी · रात 2:24 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · सुबह 10:44 तक
योग
आयुष्मान
करण
बालव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:26 – सुबह 11:48
यमगंड
दोपहर 2:31 – दोपहर 3:53
गुलिक काल
सुबह 7:42 – सुबह 9:04
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:20 – दोपहर 12:08
अमृत काल
दोपहर 12:29 – दोपहर 1:51

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आज भुवनेश्वर में

शुक्र, 28 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग आयुष्मान और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:26 – सुबह 11:48 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 29 दिसंबर 2029नवमीहस्तसुबह 9:04 – सुबह 10:26
रवि, 30 दिसंबर 2029दशमीचित्रादोपहर 3:54 – शाम 5:16
सोम, 31 दिसंबर 2029एकादशीस्वातीसुबह 7:43 – सुबह 9:05
मंगल, 1 जनवरी 2030द्वादशीअनुराधादोपहर 2:34 – दोपहर 3:56
बुध, 2 जनवरी 2030त्रयोदशीज्येष्ठासुबह 11:50 – दोपहर 1:12
गुरु, 3 जनवरी 2030चतुर्दशीमूलदोपहर 1:13 – दोपहर 2:35

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 28 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; रात 2:24 तक।

शुक्र, 28 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; सुबह 10:44 तक।

शुक्र, 28 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 10:26 – सुबह 11:48 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 28 दिसंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:20 और सूर्यास्त शाम 5:15 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।