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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, मंगल, 6 नवंबर 2029

मंगल, 6 नवंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र स्वाती, योग प्रीति और करण नाग है। राहु काल दोपहर 2:19 – दोपहर 3:44 है।

सूर्योदय
तड़के 5:50
सूर्यास्त
शाम 5:09
तिथि
अमावस्या · सुबह 9:54 तक
नक्षत्र
स्वाती · सुबह 10:15 तक
योग
प्रीति
करण
नाग
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:19 – दोपहर 3:44
यमगंड
सुबह 8:40 – सुबह 10:05
गुलिक काल
सुबह 11:30 – दोपहर 12:55
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:01 – सुबह 11:49
अमृत काल
सुबह 7:58 – सुबह 9:22

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आज भुवनेश्वर में

मंगल, 6 नवंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र स्वाती, योग प्रीति और करण नाग है। राहु काल दोपहर 2:19 – दोपहर 3:44 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 7 नवंबर 2029प्रतिपदाविशाखासुबह 11:30 – दोपहर 12:54
गुरु, 8 नवंबर 2029तृतीयाज्येष्ठादोपहर 12:54 – दोपहर 2:19
शुक्र, 9 नवंबर 2029चतुर्थीमूलसुबह 10:05 – सुबह 11:30
शनि, 10 नवंबर 2029पंचमीपूर्वाषाढ़ासुबह 8:41 – सुबह 10:06
रवि, 11 नवंबर 2029षष्ठीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:43 – शाम 5:07
सोम, 12 नवंबर 2029सप्तमीश्रवणसुबह 7:18 – सुबह 8:42

सामान्य प्रश्न

मंगल, 6 नवंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 9:54 तक।

मंगल, 6 नवंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 10:15 तक।

मंगल, 6 नवंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 2:19 – दोपहर 3:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 6 नवंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:50 और सूर्यास्त शाम 5:09 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।