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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, मंगल, 25 सितंबर 2029

मंगल, 25 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र अश्विनी, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:39 – शाम 4:09 है।

सूर्योदय
तड़के 5:36
सूर्यास्त
शाम 5:40
तिथि
तृतीया · तड़के 4:45 तक
नक्षत्र
अश्विनी · रात 1:35 तक
योग
ध्रुव
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:39 – शाम 4:09
यमगंड
सुबह 8:37 – सुबह 10:07
गुलिक काल
सुबह 11:38 – दोपहर 1:08
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:08 – सुबह 11:56
अमृत काल
सुबह 7:51 – सुबह 9:22

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आज भुवनेश्वर में

मंगल, 25 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र अश्विनी, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 2:39 – शाम 4:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 26 सितंबर 2029चतुर्थीभरणीसुबह 11:37 – दोपहर 1:08
गुरु, 27 सितंबर 2029चतुर्थीकृत्तिकादोपहर 1:07 – दोपहर 2:37
शुक्र, 28 सितंबर 2029पंचमीकृत्तिकासुबह 10:07 – सुबह 11:37
शनि, 29 सितंबर 2029षष्ठीरोहिणीसुबह 8:36 – सुबह 10:06
रवि, 30 सितंबर 2029सप्तमीमृगशिराशाम 4:05 – शाम 5:35
सोम, 1 अक्टूबर 2029अष्टमीआर्द्रासुबह 7:07 – सुबह 8:36

सामान्य प्रश्न

मंगल, 25 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; तड़के 4:45 तक।

मंगल, 25 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; रात 1:35 तक।

मंगल, 25 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 2:39 – शाम 4:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 25 सितंबर 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:36 और सूर्यास्त शाम 5:40 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।