दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, गुरु, 2 अगस्त 2029
गुरु, 2 अगस्त 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र अश्विनी, योग धृति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:30 – दोपहर 3:08 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:22
- सूर्यास्त
- शाम 6:23
- तिथि
- अष्टमी · तड़के 5:54 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी · सुबह 11:00 तक
- योग
- धृति
- करण
- बालव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:30 – दोपहर 3:08
- यमगंड
- तड़के 5:22 – सुबह 6:59
- गुलिक काल
- सुबह 8:37 – सुबह 10:15
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:20 – दोपहर 12:08
- अमृत काल
- सुबह 11:04 – दोपहर 12:41
आज भुवनेश्वर में
गुरु, 2 अगस्त 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र अश्विनी, योग धृति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:30 – दोपहर 3:08 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 3 अगस्त 2029 | अष्टमी | भरणी | सुबह 10:15 – सुबह 11:52 |
| शनि, 4 अगस्त 2029 | नवमी | कृत्तिका | सुबह 8:37 – सुबह 10:15 |
| रवि, 5 अगस्त 2029 | दशमी | रोहिणी | शाम 4:44 – शाम 6:22 |
| सोम, 6 अगस्त 2029 | एकादशी | मृगशिरा | सुबह 7:00 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 7 अगस्त 2029 | द्वादशी | आर्द्रा | दोपहर 3:06 – शाम 4:43 |
| बुध, 8 अगस्त 2029 | त्रयोदशी | पुनर्वसु | सुबह 11:52 – दोपहर 1:29 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 2 अगस्त 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; तड़के 5:54 तक।
गुरु, 2 अगस्त 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; सुबह 11:00 तक।
गुरु, 2 अगस्त 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 1:30 – दोपहर 3:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 2 अगस्त 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:22 और सूर्यास्त शाम 6:23 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।