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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, सोम, 23 जुलाई 2029

सोम, 23 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मूल, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल सुबह 6:57 – सुबह 8:35 है।

सूर्योदय
तड़के 5:18
सूर्यास्त
शाम 6:27
तिथि
त्रयोदशी · रात 9:00 तक
नक्षत्र
मूल · रात 9:57 तक
योग
ब्रह्म
करण
कौलव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 6:57 – सुबह 8:35
यमगंड
सुबह 10:14 – सुबह 11:53
गुलिक काल
दोपहर 1:31 – दोपहर 3:10
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:20 – दोपहर 12:08
अमृत काल
सुबह 6:07 – सुबह 7:46

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आज भुवनेश्वर में

सोम, 23 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मूल, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल सुबह 6:57 – सुबह 8:35 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 24 जुलाई 2029चतुर्दशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 3:10 – शाम 4:48
बुध, 25 जुलाई 2029पूर्णिमाउत्तराषाढ़ासुबह 11:53 – दोपहर 1:31
गुरु, 26 जुलाई 2029प्रतिपदाश्रवणदोपहर 1:31 – दोपहर 3:09
शुक्र, 27 जुलाई 2029द्वितीयाधनिष्ठासुबह 10:14 – सुबह 11:53
शनि, 28 जुलाई 2029तृतीयाशतभिषासुबह 8:36 – सुबह 10:14
रवि, 29 जुलाई 2029चतुर्थीपूर्वा भाद्रपदशाम 4:47 – शाम 6:25

सामान्य प्रश्न

सोम, 23 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 9:00 तक।

सोम, 23 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; रात 9:57 तक।

सोम, 23 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल सुबह 6:57 – सुबह 8:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 23 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:18 और सूर्यास्त शाम 6:27 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।