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दैनिक पंचांग

भुवनेश्वर पंचांग, गुरु, 5 जुलाई 2029

गुरु, 5 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र अश्विनी, योग अतिगण्ड और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:31 – दोपहर 3:11 है।

सूर्योदय
तड़के 5:11
सूर्यास्त
शाम 6:30
तिथि
नवमी · दोपहर 2:59 तक
नक्षत्र
अश्विनी · रात 2:58 तक
योग
अतिगण्ड
करण
गर
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:31 – दोपहर 3:11
यमगंड
तड़के 5:11 – सुबह 6:51
गुलिक काल
सुबह 8:31 – सुबह 10:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:17 – दोपहर 12:05
अमृत काल
सुबह 11:01 – दोपहर 12:41

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आज भुवनेश्वर में

गुरु, 5 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र अश्विनी, योग अतिगण्ड और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:31 – दोपहर 3:11 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भुवनेश्वर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 6 जुलाई 2029दशमीभरणीसुबह 10:11 – सुबह 11:51
शनि, 7 जुलाई 2029एकादशीभरणीसुबह 8:31 – सुबह 10:11
रवि, 8 जुलाई 2029द्वादशीकृत्तिकाशाम 4:51 – शाम 6:30
सोम, 9 जुलाई 2029त्रयोदशीरोहिणीसुबह 6:52 – सुबह 8:32
मंगल, 10 जुलाई 2029चतुर्दशीमृगशिरादोपहर 3:11 – शाम 4:50
बुध, 11 जुलाई 2029अमावस्याआर्द्रासुबह 11:52 – दोपहर 1:31

सामान्य प्रश्न

गुरु, 5 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 2:59 तक।

गुरु, 5 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; रात 2:58 तक।

गुरु, 5 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?

भुवनेश्वर में राहु काल दोपहर 1:31 – दोपहर 3:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 5 जुलाई 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:11 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।