दैनिक पंचांग
भुवनेश्वर पंचांग, रवि, 17 जून 2029
रवि, 17 जून 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र मघा, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल शाम 4:48 – शाम 6:28 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:06
- सूर्यास्त
- शाम 6:28
- तिथि
- पंचमी · सुबह 7:51 तक
- नक्षत्र
- मघा · रात 3:44 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- बालव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:48 – शाम 6:28
- यमगंड
- सुबह 11:47 – दोपहर 1:27
- गुलिक काल
- दोपहर 3:08 – शाम 4:48
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
- अमृत काल
- दोपहर 12:37 – दोपहर 2:17
आज भुवनेश्वर में
रवि, 17 जून 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय तड़के 5:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र मघा, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल शाम 4:48 – शाम 6:28 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भुवनेश्वर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 18 जून 2029 | षष्ठी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 6:47 – सुबह 8:27 |
| मंगल, 19 जून 2029 | अष्टमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 3:08 – शाम 4:48 |
| बुध, 20 जून 2029 | नवमी | हस्त | सुबह 11:48 – दोपहर 1:28 |
| गुरु, 21 जून 2029 | दशमी | चित्रा | दोपहर 1:28 – दोपहर 3:08 |
| शुक्र, 22 जून 2029 | एकादशी | स्वाती | सुबह 10:08 – सुबह 11:48 |
| शनि, 23 जून 2029 | द्वादशी | विशाखा | सुबह 8:28 – सुबह 10:08 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 17 जून 2029 को भुवनेश्वर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 7:51 तक।
रवि, 17 जून 2029 को भुवनेश्वर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 3:44 तक।
रवि, 17 जून 2029 को भुवनेश्वर में राहु काल कब है?
भुवनेश्वर में राहु काल शाम 4:48 – शाम 6:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 17 जून 2029 को भुवनेश्वर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:06 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।