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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, सोम, 8 सितंबर 2031

सोम, 8 सितंबर 2031 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्याघात और करण बव है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:11 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:31
तिथि
सप्तमी · सुबह 8:47 तक
नक्षत्र
रोहिणी · रात 1:20 तक
योग
व्याघात
करण
बव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:37 – सुबह 9:11
यमगंड
सुबह 10:44 – दोपहर 12:17
गुलिक काल
दोपहर 1:51 – दोपहर 3:24
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:46 – दोपहर 12:34
अमृत काल
सुबह 6:51 – सुबह 8:24

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आज भोपाल में

सोम, 8 सितंबर 2031 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्याघात और करण बव है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:11 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 9 सितंबर 2031अष्टमीमृगशिरादोपहर 3:24 – शाम 4:57
बुध, 10 सितंबर 2031नवमीआर्द्रादोपहर 12:17 – दोपहर 1:50
गुरु, 11 सितंबर 2031दशमीआर्द्रादोपहर 1:49 – दोपहर 3:22
शुक्र, 12 सितंबर 2031एकादशीपुनर्वसुसुबह 10:43 – दोपहर 12:16
शनि, 13 सितंबर 2031द्वादशीपुष्यसुबह 9:11 – सुबह 10:43
रवि, 14 सितंबर 2031त्रयोदशीआश्लेषाशाम 4:52 – शाम 6:25

सामान्य प्रश्न

सोम, 8 सितंबर 2031 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 8:47 तक।

सोम, 8 सितंबर 2031 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 1:20 तक।

सोम, 8 सितंबर 2031 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 8 सितंबर 2031 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:31 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।