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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, बुध, 23 जुलाई 2031

बुध, 23 जुलाई 2031 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:46 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग व्यतीपात और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06 है।

सूर्योदय
तड़के 5:46
सूर्यास्त
रात 7:06
तिथि
चतुर्थी · रात 2:50 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · सुबह 6:58 तक
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06
यमगंड
सुबह 7:26 – सुबह 9:06
गुलिक काल
सुबह 10:46 – दोपहर 12:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
अमृत काल
सुबह 9:56 – सुबह 11:36

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आज भोपाल में

बुध, 23 जुलाई 2031 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:46 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग व्यतीपात और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 24 जुलाई 2031पंचमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:06 – दोपहर 3:46
शुक्र, 25 जुलाई 2031षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:46 – दोपहर 12:26
शनि, 26 जुलाई 2031सप्तमीहस्तसुबह 9:07 – सुबह 10:47
रवि, 27 जुलाई 2031अष्टमीचित्राशाम 5:25 – रात 7:05
सोम, 28 जुलाई 2031नवमीस्वातीसुबह 7:28 – सुबह 9:07
मंगल, 29 जुलाई 2031दशमीविशाखादोपहर 3:45 – शाम 5:24

सामान्य प्रश्न

बुध, 23 जुलाई 2031 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 2:50 तक।

बुध, 23 जुलाई 2031 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; सुबह 6:58 तक।

बुध, 23 जुलाई 2031 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 23 जुलाई 2031 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:46 और सूर्यास्त रात 7:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।