दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, बुध, 25 दिसंबर 2030
बुध, 25 दिसंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र मूल, योग गण्ड और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:59
- सूर्यास्त
- शाम 5:41
- तिथि
- प्रतिपदा · रात 7:19 तक
- नक्षत्र
- मूल · सुबह 6:24 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- किंस्तुघ्न
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:20 – दोपहर 1:40
- यमगंड
- सुबह 8:19 – सुबह 9:39
- गुलिक काल
- सुबह 10:59 – दोपहर 12:20
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- सुबह 10:19 – सुबह 11:40
आज भोपाल में
बुध, 25 दिसंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र मूल, योग गण्ड और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 26 दिसंबर 2030 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:41 – दोपहर 3:01 |
| शुक्र, 27 दिसंबर 2030 | तृतीया | श्रवण | सुबह 11:00 – दोपहर 12:21 |
| शनि, 28 दिसंबर 2030 | चतुर्थी | धनिष्ठा | सुबह 9:41 – सुबह 11:01 |
| रवि, 29 दिसंबर 2030 | पंचमी | शतभिषा | शाम 4:23 – शाम 5:43 |
| सोम, 30 दिसंबर 2030 | षष्ठी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 8:21 – सुबह 9:41 |
| मंगल, 31 दिसंबर 2030 | सप्तमी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 3:04 – शाम 4:24 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 25 दिसंबर 2030 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 7:19 तक।
बुध, 25 दिसंबर 2030 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; सुबह 6:24 तक।
बुध, 25 दिसंबर 2030 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 25 दिसंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:59 और सूर्यास्त शाम 5:41 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।