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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, सोम, 9 दिसंबर 2030

सोम, 9 दिसंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र रोहिणी, योग शिव और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:10 – सुबह 9:31 है।

सूर्योदय
सुबह 6:50
सूर्यास्त
शाम 5:34
तिथि
पूर्णिमा · तड़के 4:11 तक
नक्षत्र
रोहिणी · रात 3:36 तक
योग
शिव
करण
विष्टि
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 8:10 – सुबह 9:31
यमगंड
सुबह 10:51 – दोपहर 12:12
गुलिक काल
दोपहर 1:33 – दोपहर 2:53
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
सुबह 7:30 – सुबह 8:51

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आज भोपाल में

सोम, 9 दिसंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र रोहिणी, योग शिव और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 8:10 – सुबह 9:31 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 10 दिसंबर 2030प्रतिपदामृगशिरादोपहर 2:54 – शाम 4:14
बुध, 11 दिसंबर 2030प्रतिपदामृगशिरादोपहर 12:13 – दोपहर 1:33
गुरु, 12 दिसंबर 2030द्वितीयाआर्द्रादोपहर 1:34 – दोपहर 2:54
शुक्र, 13 दिसंबर 2030तृतीयापुनर्वसुसुबह 10:53 – दोपहर 12:14
शनि, 14 दिसंबर 2030चतुर्थीपुष्यसुबह 9:34 – सुबह 10:54
रवि, 15 दिसंबर 2030पंचमीआश्लेषाशाम 4:16 – शाम 5:36

सामान्य प्रश्न

सोम, 9 दिसंबर 2030 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; तड़के 4:11 तक।

सोम, 9 दिसंबर 2030 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 3:36 तक।

सोम, 9 दिसंबर 2030 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल सुबह 8:10 – सुबह 9:31 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 9 दिसंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:50 और सूर्यास्त शाम 5:34 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।