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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, बुध, 6 नवंबर 2030

बुध, 6 नवंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ध्रुव और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:27 है।

सूर्योदय
सुबह 6:28
सूर्यास्त
शाम 5:39
तिथि
द्वादशी · तड़के 4:23 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · सुबह 7:38 तक
योग
ध्रुव
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:03 – दोपहर 1:27
यमगंड
सुबह 7:52 – सुबह 9:16
गुलिक काल
सुबह 10:39 – दोपहर 12:03
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
सुबह 9:58 – सुबह 11:21

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आज भोपाल में

बुध, 6 नवंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ध्रुव और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:27 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 7 नवंबर 2030त्रयोदशीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:27 – दोपहर 2:51
शुक्र, 8 नवंबर 2030चतुर्दशीरेवतीसुबह 10:40 – दोपहर 12:03
शनि, 9 नवंबर 2030चतुर्दशीअश्विनीसुबह 9:17 – सुबह 10:40
रवि, 10 नवंबर 2030पूर्णिमाभरणीशाम 4:14 – शाम 5:37
सोम, 11 नवंबर 2030प्रतिपदाकृत्तिकासुबह 7:54 – सुबह 9:17
मंगल, 12 नवंबर 2030द्वितीयारोहिणीदोपहर 2:50 – शाम 4:13

सामान्य प्रश्न

बुध, 6 नवंबर 2030 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; तड़के 4:23 तक।

बुध, 6 नवंबर 2030 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 7:38 तक।

बुध, 6 नवंबर 2030 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:27 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 6 नवंबर 2030 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 5:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।