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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, रवि, 2 जून 2030

रवि, 2 जून 2030 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र मृगशिरा, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल शाम 5:21 – रात 7:02 है।

सूर्योदय
तड़के 5:34
सूर्यास्त
रात 7:02
तिथि
प्रतिपदा · दोपहर 2:21 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · तड़के 4:36 तक
योग
सुकर्मा
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:21 – रात 7:02
यमगंड
दोपहर 12:18 – दोपहर 1:59
गुलिक काल
दोपहर 3:40 – शाम 5:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
अमृत काल
दोपहर 1:08 – दोपहर 2:50

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आज भोपाल में

रवि, 2 जून 2030 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र मृगशिरा, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल शाम 5:21 – रात 7:02 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 3 जून 2030द्वितीयाआर्द्रासुबह 7:15 – सुबह 8:56
मंगल, 4 जून 2030तृतीयाआर्द्रादोपहर 3:41 – शाम 5:22
बुध, 5 जून 2030चतुर्थीपुनर्वसुदोपहर 12:18 – दोपहर 2:00
गुरु, 6 जून 2030पंचमीपुष्यदोपहर 2:00 – दोपहर 3:41
शुक्र, 7 जून 2030षष्ठीआश्लेषासुबह 10:37 – दोपहर 12:19
शनि, 8 जून 2030सप्तमीमघासुबह 8:56 – सुबह 10:38

सामान्य प्रश्न

रवि, 2 जून 2030 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; दोपहर 2:21 तक।

रवि, 2 जून 2030 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; तड़के 4:36 तक।

रवि, 2 जून 2030 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल शाम 5:21 – रात 7:02 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 2 जून 2030 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त रात 7:02 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।