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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, सोम, 1 अप्रैल 2030

सोम, 1 अप्रैल 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:18 है।

सूर्योदय
सुबह 6:12
सूर्यास्त
शाम 6:35
तिथि
चतुर्दशी · रात 2:11 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · रात 9:16 तक
योग
शुभ
करण
विष्टि
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:45 – सुबह 9:18
यमगंड
सुबह 10:51 – दोपहर 12:24
गुलिक काल
दोपहर 1:57 – दोपहर 3:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
अमृत काल
सुबह 6:59 – सुबह 8:32

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आज भोपाल में

सोम, 1 अप्रैल 2030 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:12 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग शुभ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 2 अप्रैल 2030अमावस्याउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:30 – शाम 5:03
बुध, 3 अप्रैल 2030प्रतिपदारेवतीदोपहर 12:23 – दोपहर 1:57
गुरु, 4 अप्रैल 2030द्वितीयाअश्विनीदोपहर 1:56 – दोपहर 3:30
शुक्र, 5 अप्रैल 2030द्वितीयाभरणीसुबह 10:49 – दोपहर 12:23
शनि, 6 अप्रैल 2030तृतीयाभरणीसुबह 9:15 – सुबह 10:49
रवि, 7 अप्रैल 2030चतुर्थीकृत्तिकाशाम 5:04 – शाम 6:38

सामान्य प्रश्न

सोम, 1 अप्रैल 2030 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 2:11 तक।

सोम, 1 अप्रैल 2030 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 9:16 तक।

सोम, 1 अप्रैल 2030 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 1 अप्रैल 2030 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:12 और सूर्यास्त शाम 6:35 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।