दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, शुक्र, 5 अक्टूबर 2029
शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र मघा, योग साध्य और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:39 – दोपहर 12:08 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:13
- सूर्यास्त
- शाम 6:03
- तिथि
- द्वादशी · सुबह 10:46 तक
- नक्षत्र
- मघा · दोपहर 1:00 तक
- योग
- साध्य
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:39 – दोपहर 12:08
- यमगंड
- दोपहर 3:06 – शाम 4:34
- गुलिक काल
- सुबह 7:42 – सुबह 9:10
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- दोपहर 12:52 – दोपहर 2:21
आज भोपाल में
शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 को भोपाल में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र मघा, योग साध्य और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:39 – दोपहर 12:08 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 6 अक्टूबर 2029 | त्रयोदशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 9:11 – सुबह 10:39 |
| रवि, 7 अक्टूबर 2029 | अमावस्या | उत्तरा फाल्गुनी | शाम 4:33 – शाम 6:01 |
| सोम, 8 अक्टूबर 2029 | प्रतिपदा | चित्रा | सुबह 7:42 – सुबह 9:11 |
| मंगल, 9 अक्टूबर 2029 | द्वितीया | स्वाती | दोपहर 3:03 – शाम 4:31 |
| बुध, 10 अक्टूबर 2029 | तृतीया | विशाखा | दोपहर 12:07 – दोपहर 1:35 |
| गुरु, 11 अक्टूबर 2029 | चतुर्थी | अनुराधा | दोपहर 1:34 – दोपहर 3:02 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 10:46 तक।
शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; दोपहर 1:00 तक।
शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल सुबह 10:39 – दोपहर 12:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 5 अक्टूबर 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:13 और सूर्यास्त शाम 6:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।