दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, सोम, 20 अगस्त 2029
सोम, 20 अगस्त 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग विष्कम्भ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:34 – सुबह 9:10 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:48
- तिथि
- एकादशी · सुबह 7:30 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · तड़के 4:25 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:34 – सुबह 9:10
- यमगंड
- सुबह 10:47 – दोपहर 12:23
- गुलिक काल
- दोपहर 1:59 – दोपहर 3:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- सुबह 6:46 – सुबह 8:22
आज भोपाल में
सोम, 20 अगस्त 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग विष्कम्भ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:34 – सुबह 9:10 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 21 अगस्त 2029 | द्वादशी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:35 – शाम 5:11 |
| बुध, 22 अगस्त 2029 | त्रयोदशी | श्रवण | दोपहर 12:23 – दोपहर 1:59 |
| गुरु, 23 अगस्त 2029 | चतुर्दशी | श्रवण | दोपहर 1:58 – दोपहर 3:34 |
| शुक्र, 24 अगस्त 2029 | पूर्णिमा | धनिष्ठा | सुबह 10:46 – दोपहर 12:22 |
| शनि, 25 अगस्त 2029 | प्रतिपदा | शतभिषा | सुबह 9:11 – सुबह 10:46 |
| रवि, 26 अगस्त 2029 | द्वितीया | पूर्वा भाद्रपद | शाम 5:08 – शाम 6:43 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 20 अगस्त 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 7:30 तक।
सोम, 20 अगस्त 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; तड़के 4:25 तक।
सोम, 20 अगस्त 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल सुबह 7:34 – सुबह 9:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 20 अगस्त 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:48 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।