दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, बुध, 25 जुलाई 2029
बुध, 25 जुलाई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:47
- सूर्यास्त
- रात 7:05
- तिथि
- पूर्णिमा · रात 7:06 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · रात 9:35 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- विष्टि
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06
- यमगंड
- सुबह 7:27 – सुबह 9:07
- गुलिक काल
- सुबह 10:47 – दोपहर 12:26
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- सुबह 9:57 – सुबह 11:36
आज भोपाल में
बुध, 25 जुलाई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 26 जुलाई 2029 | प्रतिपदा | श्रवण | दोपहर 2:06 – दोपहर 3:46 |
| शुक्र, 27 जुलाई 2029 | द्वितीया | धनिष्ठा | सुबह 10:47 – दोपहर 12:26 |
| शनि, 28 जुलाई 2029 | तृतीया | शतभिषा | सुबह 9:07 – सुबह 10:47 |
| रवि, 29 जुलाई 2029 | चतुर्थी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 5:24 – रात 7:03 |
| सोम, 30 जुलाई 2029 | पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:29 – सुबह 9:08 |
| मंगल, 31 जुलाई 2029 | षष्ठी | रेवती | दोपहर 3:44 – शाम 5:23 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 25 जुलाई 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 7:06 तक।
बुध, 25 जुलाई 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 9:35 तक।
बुध, 25 जुलाई 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल दोपहर 12:26 – दोपहर 2:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 25 जुलाई 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त रात 7:05 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।