दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, सोम, 9 जुलाई 2029
सोम, 9 जुलाई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रोहिणी, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 9:03 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:40
- सूर्यास्त
- रात 7:10
- तिथि
- त्रयोदशी · रात 9:23 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · सुबह 9:45 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- गर
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:22 – सुबह 9:03
- यमगंड
- सुबह 10:44 – दोपहर 12:25
- गुलिक काल
- दोपहर 2:06 – दोपहर 3:47
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- सुबह 6:31 – सुबह 8:12
आज भोपाल में
सोम, 9 जुलाई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:40 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रोहिणी, योग गण्ड और करण गर है। राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 9:03 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 10 जुलाई 2029 | चतुर्दशी | मृगशिरा | दोपहर 3:47 – शाम 5:28 |
| बुध, 11 जुलाई 2029 | अमावस्या | आर्द्रा | दोपहर 12:25 – दोपहर 2:06 |
| गुरु, 12 जुलाई 2029 | प्रतिपदा | पुनर्वसु | दोपहर 2:06 – दोपहर 3:47 |
| शुक्र, 13 जुलाई 2029 | द्वितीया | पुष्य | सुबह 10:45 – दोपहर 12:26 |
| शनि, 14 जुलाई 2029 | तृतीया | आश्लेषा | सुबह 9:04 – सुबह 10:45 |
| रवि, 15 जुलाई 2029 | चतुर्थी | मघा | शाम 5:28 – रात 7:09 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 9 जुलाई 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 9:23 तक।
सोम, 9 जुलाई 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; सुबह 9:45 तक।
सोम, 9 जुलाई 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल सुबह 7:22 – सुबह 9:03 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 9 जुलाई 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:40 और सूर्यास्त रात 7:10 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।