दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, शुक्र, 1 जून 2029
शुक्र, 1 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र श्रवण, योग शुक्ल और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:37 – दोपहर 12:18 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:34
- सूर्यास्त
- रात 7:02
- तिथि
- पंचमी · शाम 4:11 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · तड़के 4:09 तक
- योग
- शुक्ल
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:37 – दोपहर 12:18
- यमगंड
- दोपहर 3:40 – शाम 5:21
- गुलिक काल
- सुबह 7:15 – सुबह 8:56
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:44 – दोपहर 12:32
- अमृत काल
- दोपहर 1:08 – दोपहर 2:49
आज भोपाल में
शुक्र, 1 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र श्रवण, योग शुक्ल और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:37 – दोपहर 12:18 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 2 जून 2029 | षष्ठी | धनिष्ठा | सुबह 8:56 – सुबह 10:37 |
| रवि, 3 जून 2029 | सप्तमी | धनिष्ठा | शाम 5:22 – रात 7:03 |
| सोम, 4 जून 2029 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 7:15 – सुबह 8:56 |
| मंगल, 5 जून 2029 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 3:41 – शाम 5:22 |
| बुध, 6 जून 2029 | दशमी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 12:19 – दोपहर 2:00 |
| गुरु, 7 जून 2029 | एकादशी | रेवती | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:42 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 1 जून 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; शाम 4:11 तक।
शुक्र, 1 जून 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; तड़के 4:09 तक।
शुक्र, 1 जून 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल सुबह 10:37 – दोपहर 12:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 1 जून 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त रात 7:02 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।