दैनिक पंचांग
भोपाल पंचांग, गुरु, 24 मई 2029
गुरु, 24 मई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र हस्त, योग वज्र और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:38 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:35
- सूर्यास्त
- शाम 6:58
- तिथि
- एकादशी · दोपहर 1:11 तक
- नक्षत्र
- हस्त · शाम 4:42 तक
- योग
- वज्र
- करण
- विष्टि
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:57 – दोपहर 3:38
- यमगंड
- तड़के 5:35 – सुबह 7:16
- गुलिक काल
- सुबह 8:56 – सुबह 10:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
- अमृत काल
- सुबह 11:27 – दोपहर 1:07
आज भोपाल में
गुरु, 24 मई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र हस्त, योग वज्र और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:38 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 25 मई 2029 | द्वादशी | चित्रा | सुबह 10:36 – दोपहर 12:17 |
| शनि, 26 मई 2029 | त्रयोदशी | स्वाती | सुबह 8:56 – सुबह 10:36 |
| रवि, 27 मई 2029 | पूर्णिमा | विशाखा | शाम 5:19 – रात 7:00 |
| सोम, 28 मई 2029 | प्रतिपदा | अनुराधा | सुबह 7:15 – सुबह 8:56 |
| मंगल, 29 मई 2029 | द्वितीया | मूल | दोपहर 3:39 – शाम 5:20 |
| बुध, 30 मई 2029 | तृतीया | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:17 – दोपहर 1:58 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 24 मई 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; दोपहर 1:11 तक।
गुरु, 24 मई 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; शाम 4:42 तक।
गुरु, 24 मई 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?
भोपाल में राहु काल दोपहर 1:57 – दोपहर 3:38 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 24 मई 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:35 और सूर्यास्त शाम 6:58 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।