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दैनिक पंचांग

भोपाल पंचांग, मंगल, 1 मई 2029

मंगल, 1 मई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग वरीयान और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:32 – शाम 5:10 है।

सूर्योदय
तड़के 5:47
सूर्यास्त
शाम 6:48
तिथि
तृतीया · सुबह 6:27 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · शाम 6:48 तक
योग
वरीयान
करण
विष्टि
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:32 – शाम 5:10
यमगंड
सुबह 9:02 – सुबह 10:39
गुलिक काल
दोपहर 12:17 – दोपहर 1:55
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
अमृत काल
सुबह 8:13 – सुबह 9:51

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आज भोपाल में

मंगल, 1 मई 2029 को भोपाल में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग वरीयान और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:32 – शाम 5:10 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल भोपाल के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

भोपाल – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 2 मई 2029पंचमीमूलदोपहर 12:17 – दोपहर 1:55
गुरु, 3 मई 2029षष्ठीपूर्वाषाढ़ादोपहर 1:55 – दोपहर 3:33
शुक्र, 4 मई 2029सप्तमीउत्तराषाढ़ासुबह 10:39 – दोपहर 12:17
शनि, 5 मई 2029अष्टमीश्रवणसुबह 9:00 – सुबह 10:38
रवि, 6 मई 2029नवमीधनिष्ठाशाम 5:12 – शाम 6:50
सोम, 7 मई 2029नवमीशतभिषासुबह 7:21 – सुबह 9:00

सामान्य प्रश्न

मंगल, 1 मई 2029 को भोपाल में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 6:27 तक।

मंगल, 1 मई 2029 को भोपाल में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; शाम 6:48 तक।

मंगल, 1 मई 2029 को भोपाल में राहु काल कब है?

भोपाल में राहु काल दोपहर 3:32 – शाम 5:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 1 मई 2029 को भोपाल में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।