दैनिक पंचांग
बेंगलुरु पंचांग, शनि, 28 अगस्त 2032
शनि, 28 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्याघात और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:14 – सुबह 10:47 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- शाम 6:32
- तिथि
- अष्टमी · दोपहर 1:11 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · रात 12:42 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- कौलव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:14 – सुबह 10:47
- यमगंड
- दोपहर 1:53 – दोपहर 3:26
- गुलिक काल
- सुबह 6:08 – सुबह 7:41
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
- अमृत काल
- दोपहर 2:40 – शाम 4:13
आज बेंगलुरु में
शनि, 28 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्याघात और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:14 – सुबह 10:47 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 29 अगस्त 2032 | नवमी | मृगशिरा | शाम 4:59 – शाम 6:32 |
| सोम, 30 अगस्त 2032 | दशमी | आर्द्रा | सुबह 7:41 – सुबह 9:14 |
| मंगल, 31 अगस्त 2032 | एकादशी | पुनर्वसु | दोपहर 3:25 – शाम 4:58 |
| बुध, 1 सितंबर 2032 | द्वादशी | पुनर्वसु | दोपहर 12:19 – दोपहर 1:52 |
| गुरु, 2 सितंबर 2032 | त्रयोदशी | पुष्य | दोपहर 1:51 – दोपहर 3:24 |
| शुक्र, 3 सितंबर 2032 | चतुर्दशी | आश्लेषा | सुबह 10:46 – दोपहर 12:18 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 28 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 1:11 तक।
शनि, 28 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 12:42 तक।
शनि, 28 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?
बेंगलुरु में राहु काल सुबह 9:14 – सुबह 10:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 28 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।