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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, मंगल, 10 अगस्त 2032

मंगल, 10 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग शिव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:08 है।

सूर्योदय
सुबह 6:06
सूर्यास्त
शाम 6:42
तिथि
चतुर्थी · रात 8:22 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · दोपहर 3:54 तक
योग
शिव
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:33 – शाम 5:08
यमगंड
सुबह 9:15 – सुबह 10:50
गुलिक काल
दोपहर 12:24 – दोपहर 1:59
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
अमृत काल
सुबह 8:28 – सुबह 10:03

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आज बेंगलुरु में

मंगल, 10 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग शिव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:08 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 11 अगस्त 2032पंचमीहस्तदोपहर 12:24 – दोपहर 1:59
गुरु, 12 अगस्त 2032षष्ठीचित्रादोपहर 1:58 – दोपहर 3:33
शुक्र, 13 अगस्त 2032सप्तमीस्वातीसुबह 10:50 – दोपहर 12:24
शनि, 14 अगस्त 2032अष्टमीविशाखासुबह 9:15 – सुबह 10:49
रवि, 15 अगस्त 2032नवमीअनुराधाशाम 5:06 – शाम 6:40
सोम, 16 अगस्त 2032दशमीज्येष्ठासुबह 7:41 – सुबह 9:15

सामान्य प्रश्न

मंगल, 10 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 8:22 तक।

मंगल, 10 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; दोपहर 3:54 तक।

मंगल, 10 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल दोपहर 3:33 – शाम 5:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 10 अगस्त 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।