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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, सोम, 26 जुलाई 2032

सोम, 26 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग सौभाग्य और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:39 – सुबह 9:15 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:48
तिथि
चतुर्थी · सुबह 10:00 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · रात 7:39 तक
योग
सौभाग्य
करण
बालव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:39 – सुबह 9:15
यमगंड
सुबह 10:50 – दोपहर 12:26
गुलिक काल
दोपहर 2:01 – दोपहर 3:37
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
सुबह 6:51 – सुबह 8:27

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आज बेंगलुरु में

सोम, 26 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग सौभाग्य और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:39 – सुबह 9:15 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 27 जुलाई 2032पंचमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:37 – शाम 5:12
बुध, 28 जुलाई 2032सप्तमीरेवतीदोपहर 12:26 – दोपहर 2:01
गुरु, 29 जुलाई 2032अष्टमीअश्विनीदोपहर 2:01 – दोपहर 3:36
शुक्र, 30 जुलाई 2032नवमीभरणीसुबह 10:50 – दोपहर 12:25
शनि, 31 जुलाई 2032दशमीकृत्तिकासुबह 9:15 – सुबह 10:50
रवि, 1 अगस्त 2032एकादशीरोहिणीशाम 5:11 – शाम 6:46

सामान्य प्रश्न

सोम, 26 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 10:00 तक।

सोम, 26 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 7:39 तक।

सोम, 26 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल सुबह 7:39 – सुबह 9:15 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 26 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।