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दैनिक पंचांग

बेंगलुरु पंचांग, रवि, 11 जुलाई 2032

रवि, 11 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मघा, योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:13 – शाम 6:50 है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:50
तिथि
चतुर्थी · तड़के 4:42 तक
नक्षत्र
मघा · रात 3:35 तक
योग
वज्र
करण
वणिज
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:13 – शाम 6:50
यमगंड
दोपहर 12:25 – दोपहर 2:01
गुलिक काल
दोपहर 3:37 – शाम 5:13
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
अमृत काल
दोपहर 1:13 – दोपहर 2:49

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आज बेंगलुरु में

रवि, 11 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मघा, योग वज्र और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:13 – शाम 6:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल बेंगलुरु के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

बेंगलुरु – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 12 जुलाई 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 7:36 – सुबह 9:12
मंगल, 13 जुलाई 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:37 – शाम 5:13
बुध, 14 जुलाई 2032षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:25 – दोपहर 2:01
गुरु, 15 जुलाई 2032सप्तमीहस्तदोपहर 2:01 – दोपहर 3:37
शुक्र, 16 जुलाई 2032अष्टमीचित्रासुबह 10:49 – दोपहर 12:25
शनि, 17 जुलाई 2032नवमीस्वातीसुबह 9:13 – सुबह 10:49

सामान्य प्रश्न

रवि, 11 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; तड़के 4:42 तक।

रवि, 11 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 3:35 तक।

रवि, 11 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में राहु काल कब है?

बेंगलुरु में राहु काल शाम 5:13 – शाम 6:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 11 जुलाई 2032 को बेंगलुरु में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:50 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।